भारतीय विज्ञान के नक्षत्र दीप का प्रकाशन: प्राचीन से आधुनिक काल तक के वैज्ञानिकों का दस्तावेज़

भारतीय विज्ञान के नक्षत्र दीप का प्रकाशन: प्राचीन से आधुनिक काल तक के वैज्ञानिकों का दस्तावेज़

सुशी सक्सेना

प्राचीन, मध्यकालीन एवं प्रारंभिक आधुनिक भारत के अति महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों पर आधारित विशेष शानदार पुस्तक "भारतीय विज्ञान के नक्षत्र दीप" का प्रकाशन संपन्न हुआ। यह पुस्तक हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में एक साथ प्रकाशित की गई है। ताकि अधिक से अधिक पाठक भारत के वैज्ञानिक नक्षत्रों से परिचित हो सकें।
 खगोलविद अमर पाल सिंह और लेखिका सुशी सक्सेना के संयुक्त लेखन से तैयार इस पुस्तक को वैदिक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। 

पुस्तक में भारत के उन अनसुने वैज्ञानिक नक्षत्रों को उजागर किया गया है जिन्होंने सदियों पहले विज्ञान की नींव रखी थी। यह प्राचीन से लेकर प्रारंभिक आधुनिक काल तक भारत की वैज्ञानिक परंपरा को समर्पित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। पुस्तक में वेदकालीन ऋषियों से लेकर मध्यकालीन और औपनिवेशिक युग तक के उन भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को विस्तार से दर्ज किया गया है, जिन्होंने गणित, खगोल, रसायन, आयुर्वेद और भौतिकी के क्षेत्र में विश्व को नई दिशा दी। यह पुस्तक न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी। खगोलविद अमर पाल सिंह और लेखिका सुशी सक्सेना को पूरा विश्वास है कि यह पाठकों के बीच बेहद सफल होगी। यह पुस्तक छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और आम पाठकों — सभी वर्गों के लिए उपयोगी है। इसका उद्देश्य भारतीय वैज्ञानिक विरासत को पाठ्यपुस्तकों से निकालकर जन-जन तक पहुंचाना है।
पुस्तक में शामिल वैज्ञानिकों के जीवन, उनके प्रयोगों और उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विज्ञान से दूरी रखने वाला पाठक भी इसे रुचि से पढ़ सके।

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